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श्यामलाल यादव

वरिष्ठ संपादक, इंडियन एक्सप्रेस, नई दिल्ली

श्यामलाल यादव खोजी पत्रकारिता के लिए आर.टी.आई. कानून को प्रभावी तरीके से इस्तेमाल करने वालों में अग्रणी हैं। प्रदूषित नदियों पर उनकी खोजी रिपोर्ट (स्ट्रीम्सऑफ फिल्थ, इंडिया टुडे, 30 दिसंबर 2009) को यूनेस्को ने दुनिया की 20 बेहतरीन खोजी रिपोर्टों के संग्रह में छापा है। वे इंटरनेशनल कन्सोर्शियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स(आई.सी.आई.जे.) द्वारा सबसे बड़े पत्रकारीय खुलासे पैराडाइज पेपर्स की टीम का हिस्साथे। इंडियनएक्सप्रेस के खोजी ब्यूरो के सदस्य श्यामलाल की कई रिपोर्टों का व्यापक असर हुआ है जिनमें मंत्रियों-नौकरशाहों की विदेश यात्राएं, सांसदों द्वारा करीबी रिश्तेदारों को निजी सहायक बनाने, जीरो बैलेंस वाले जन-धन खाते कम करने के लिए बैंक अधिकारियों द्वारा खुद पैसा जमा करने, प्रिडेटरी रिसर्च जर्नल्स के प्रकाशकों, जीवन बीमा की बंद पॉलिसियों, मंत्रियों-अधिकारियों की संपत्ति की घोषणा शामिल हैं। वे खोजी पत्रकारिता श्रेणी में प्रतिष्ठित रामनाथ गोयन का उत्कृष्ट पत्रकारिता पुरस्कार दो बार जीतने वाले इकलौते पत्रकार हैं। उन्हें कई अन्यराष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार भी मिले हैं जिनमें यूरोपियन कमीशन फॉर डेवलपमेंट, ब्रुसेल्स का लोरेंजो नटाली जर्नलिज्म प्राइज; एशियन डेवलपमेंट बैंक इंस्टीट्यूट, टोक्यो का डेवेलपिंग एशिया जर्नलिज्म अवार्ड; एशियन कॉलेज ऑफ जर्नलिज्म, चेन्नई का उत्कृष्टखोजी पत्रकारिता पुरस्कार; एन.डी.टी.वी.-पी.सी.आर.एफ. का राष्ट्रीय आर.टी.आई. पुरस्कार; स्टेट्समैन, कोलकाता का रूरल रिपोर्टिंग अवार्ड; माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय, भोपाल का गणेश शंकर विद्यार्थी सम्मान प्रमुख हैं। उन्होंने कोलंबिया विश्वविद्यालय, न्यूयॉर्क के रियो डे जेनेरो, श्रीलंका प्रेस इंस्टीट्यूट के कोलंबो, पेराडेनिया विश्वविद्यालय के कैंडी और मैनेजमेंट एंड रिसोर्स डेवलपमेंट इनिशिएटिव के ढाका में हुए आयोजनों के अलावा कीव और जोहानसबर्ग में हुए वैश्विक खोजी पत्रकारिता सम्मेलनों; ब्रुसेल्स में आयोजित यूरोपीय खोजी पत्रकारिता सम्मेलनों; काठमांडू और सीओल में एशियाई खोजी पत्रकारिता सम्मेलनों को संबोधित किया है। नवंबर 2018 में वे पेरिस में यूनेस्को के सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स को लेकर आयोजित विमर्श में शामिल हुए। जनसत्ता, अमर उजाला और इंडिया टुडे में काम कर चुके श्यामलाल इस समयइंडियन एक्सप्रेस में वरिष्ठ संपादक हैं।