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ज़ियाउस्सलाम

एसोसिएट एडिटर, फ्रंटलाइन

ज़ियाउस्सलाम एक जाने माने साहित्यिक और सामाजिक समालोचक हैं। पिछले 18 सालों से आप ’द हिन्दू’ से जुड़े रहे हैं और 16 साल से ’द हिन्दू’ के उत्तर भारतीय संस्करण्ाों के फ़ीचऱ एडीटर रहे हैं। वर्तमान में आप ’फ्रंटलाइन’ पत्रिका के असोशिएट एडीटर हैं। किताबों की समीक्षा करने के साथ-साथ आप ’फ्रंटलाइन’ पत्रिका में समाज और संस्कृति से जुड़े विषयों पर लिखते हैं। 
 
सेज पब्लिकेशंस द्वlरा प्रकाशित आपकी किताब ’लिन्च फाइल्सः द फारगाटन सागा आफ हेट क्राइम्स’ का लोकार्पण्ा 2019 में हुआ। आपकी किताब ’टिल तलाक़ डू अस पार्ट’ जो इस्लाम में तलाक़ के अलग्र-अलग तरीक़ांे और इख्तियार का अध्ययन है, 2018 की शुरुआत में रिलीज़ हुई। आपकी ’दिल्ली 4 शोज़’ नाम की किताब 2016 में आई थी जिसमंे बोलती फिल्मों के युग की शुरुआत से सिनेमा का विवरण्ा है। आपने इन संकलनों में बतौर लेखक योगदान दियाः ’बीइंग यंग इन द वल्र्डज़ ऑफ इस्लाम’ और ’पास्ट टेंस - लिविंग ऑन द एज’। आपने एक संकलनः ’’हाउस फुलः द गोल्डन एज ऑफ हिंदी सिनेमा’’ का सम्पादन भी किया है। आप भारत के अंतर्राष्ट्रीय फिल्म उत्सव में गैर फीचर फिल्म वर्ग (2011), ’बेस्ट राइटिंग इन सिनेमा’ (2008) और ’’वातावरण्ा’’ में जूरी के सदस्य रह चुके हैं। 
जल्द ही आपकी किताब ’स्नैपशाट्स ऑफ इस्लाम’ रिलीज़ होने वाली है।