Loading...

शालिनी जोशी

हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के मीडिया अध्ययन विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं।

वरिष्ठ पत्रकार, अनुवादक और मीडिया अध्येता शालिनी जोशी का जन्म अविभाजित बिहार के रांची जिले में हुआ। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, आईआईएमसी से 1994–95 में पत्रकारिता का पीजी डिप्लोमा किया। वे यूजीसी नेट क्वालीफाइड हैं और करीब एक दशक से मीडिया अध्यापन से जुड़ी हैं। अकादमिक क्षेत्र में आने के पहले शालिनी करीब दो दशक तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचार मीडिया संस्थानों में वरिष्ठ पदों पर कार्यरत रही हैं। उन्होंने बीबीसी वर्ल्ड सर्विस में प्रोड्युसर के पद पर लंदन और दिल्ली में काम किया। करियर की शुरुआत जनवरी 1995 में जीटीवी (बाद में जी न्यूज) से की जहां उन्होंने जनवरी 1995 में संवाददाता और समसामयिक कार्यक्रमों की ऐंकर के रूप में कार्य किया। आज तक टीवी समाचार चैनल की उत्तराखंड प्रभारी के रूप में कार्य करने के अलावा उन्होंने, सीएनबीसी टीवी चैनल के लिए भी सेवाएं दीं। वे उत्तराखंड में दूरदर्शन की विशेष प्रस्तोता भी रहीं। 90 के दशक के अंतिम वर्षों और 21वीं सदी के प्रारंभिक वर्षों में टीवी रिपोर्टर के तौर पर शालिनी ने देश के विभिन्न दूरदराज के हिस्सों का दौरा किया और राजनीतिक, सा माजिक-सांस्कृतिक घटनाक्रमों से लेकर नागरिक आंदोलनों तक अपनी विशिष्ट कवरेज से ध्यान खींचा।

 

उत्तराखंड स्थित दून विश्वविद्यालय में करीब तीन वर्ष तक विजिटिंग फैकल्टी के रूप में कार्य करने के बाद वे जयपुर स्थित हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में नियुक्त की गईं थीं। उसके बाद वे राजस्थान विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग में कार्यरत रहीं। वर्तमान में वे हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं। शालिनी जोशी ने पत्रकारिता और मीडिया अध्यापन में अपने विशद कार्यकाल के दौरान अखबारों और साहित्यिक-सांस्कृतिक पत्रिकाओं के लिए लेख, फीचर, यात्रा वृत्तांत और रिपोर्ताज लिखे और अनुवाद किए। हंस  पत्रिका द्वारा प्रकाशित टीवी पत्रकारों की कहानियों की पुस्तक में उनकी भी एक कहानी प्रकाशित है। मीडिया अध्ययन से जुड़े प्रमुख जर्नलों में उनके शोध आलेख प्रकाशित हैं। उन्होंने कई मीडिया कार्यशालाओं और सेमिनारों में प्रतिभाग किया और व्याख्यान दिए। उन्होंने ब्रिटेन के अलावा जर्मनी, स्विट्जरलैंड आदि देशों की यात्राएं कीं। नये मीडिया विमर्श पर उनकी दो किताबें प्रकाशित हैं। नया मीडिया: अध्ययन और अभ्यास (पेंग्विन इंडिया, गुड़गांव 2015) और वेब पत्रकारिता: नया मीडिया नये रुझान (राधाकृष्ण प्रकाशन, दिल्ली 2012)। जगरनॉट पब्लिकेशंस के लिए उन्होंने मशहूर न्यूट्रीशियन रुजुता दिवेकर की अंग्रेजी पुस्तकइंडियन सुपरफूड्स  को हिंदी में अनूदित किया है। शालिनी अंग्रेजी भाषा में कविताएं लिखती हैं और पेंटिंग्स और स्केच भी बनाती हैं। कविता, यात्रा वृत्तांत और संस्मरण की उनकी एक पुस्तक शीघ्र प्रकाश्य है।