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पर्यावरण बोध

पर्यावरण विज्ञान में आधार और स्नातक पाठ्यक्रमों की मूल पाठ्यपुस्तक के तौर पर तैयार की गई यह किताब, छात्रों को पर्यावरण एवं संवहनीय विकास से संबंधित वैज्ञानिक अवधारणाओं से अवगत कराती है। भारतीय संदर्भ को विशेष तौर पर ध्यान में रखकर तैयार की गई यह पुस्तक, पर्यावरण संबंधी समस्याओं एवं मुद्दों की व्यापक समझ प्रदान करती है।

इस पुस्तक का प्राथमिक उद्देश्य पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करना है। यह पर्यावरण की संकल्पना, बहुआयामी और जटिल चेतन प्रणाली के रूप में करती है और इस प्रणाली को संगठित करने वाली अंतर्संबंद्धताओं को वर्णित करती है। उदाहरणों और मामलों के अध्ययनों की सहायता से विषय-वस्तु को प्रस्तुत किया गया है, ताकि दी गई जानकारी को प्रासंगिक बनाया जा सके। छात्रों को इस विषय की समझ प्रदान करने तथा तात्कालिक परिवेश में इसे लागू करने में सहायता के लिए प्रत्येक अध्याय के अंत में कुछ प्रश्न तथा स्व-अध्ययन हेतु अभ्यास दिए गए हैं।

यह पुस्तक, विशेषतौर पर:

- वास्तविक जीवन की घटनाओं में अंतर्संबंद्धता के साथ-साथ पर्यावरण अध्ययन की अंतर्विषयक एवं बहुविषयक प्रकृति पर प्रकाश डालती है।

- ऐसे मामलों के अध्ययनों की सहायता से व्यक्तिगत और सामूहिक कार्रवाई के उदाहरणों को प्रस्तुत करती है, जिन्होंने बदलाव की शुरुआत की है।

- अवलोकन, आंकड़ा संचयन, विश्लेषण, संकलन और प्रस्तुति के कौशल विकास में सहायता के लिए प्रत्येक अध्याय में स्व-अध्ययन अभ्यास दिए गए हैं।

 

  • प्राक्कथन
  • पर्यावरण बोध कार्तिकेय वी. साराभाई
  • पारिस्थितिकी शिवानी जैन
  • जैव-विविधता सीमा भट्ट
  • पानी अवनीश कुमार एवं सरिता ठाकुर
  • प्रदूषण हेमा जगदीशन
  • कृषि कल्याणी कंडुला
  • शहरी पर्यावरण विवेक एस. खडपेकर एवं सुनील जैकब
  • उद्योग मीना रघुनाथन
  • जलवायु परिवर्तन और ओज़ोन अवक्षय किरण बी. छोकर, ममता पंड्या एवं मीना रघुनाथन
  • जनसंख्या, उपभोग और पर्यावरण कल्याणी कंडुला
  • पर्यावरण और विकास: संबंधित कड़ियाँ कल्याणी कंडुला
  • नागरिक कार्रवाई किरण बी. छोकर, ममता पंड्या एवं अवनीश कुमार
  • परिशिष्ट 1: भारत में पर्यावरणीय कानून
  • परिशिष्ट 2: अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरणीय समझौते
  • शब्दावली
मीना रघुनाथन

मीना रघुनाथन वर्ष 1986 से 2005 तक सीईई में कार्यरत रहीं, जहां वे नेटवर्किंग एंड कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम की प्रमुख थीं। वे शिक्षकों और छात्रों के लिए शैक्षणिक सामग्री विकास में शामिल रही हैं और उन्होंने पर्यावरण तथा पर्यावरण शिक्षा के विभिन्न पहलुओं पर 40 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है। सुश्री रघुनाथन पर्यावरण शिक्षकों के अंतरराष्ट्रीय समूह आई ... अधिक पढ़ें

ममता पंड्या

ममता पंड्या वर्ष 1985 से 2014 तक सीईई में कार्यरत रहीं, जहां वे इंस्ट्रक्शनल डिजाइन प्रोग्राम की प्रमुख थीं। शिक्षकों और छात्रों के लिए विभिन्न माध्यमों में पर्यावरण शिक्षा सामग्रियां तैयार करने पर उनका ध्यान केंद्रित रहा है। उन्होंने पर्यावरण, विकास और संचार विषयों पर कई पुस्तकों का लेखन किया है। वर्तमान में वे स्वतंत्र शिक्षा-संचार सलाहकार और संप ... अधिक पढ़ें

किरण छोकर

किरण बी. छोकर वर्ष 1987 से 2012 तक सीईई में कार्यरत रहीं, जहां वे उच्च शिक्षा कार्यक्रम की प्रमुख थीं। उन्होंने पाठ्यक्रम तैयार किए हैं तथा शिक्षण-अध्ययन सामग्रियां विकसित की हैं तथा उनकी कई पुस्तकों का प्रकाशन भी हुआ है। वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पीयर-रिव्यूड जर्नल ऑफ एजुकेशन एंड आर्किटेक्चर, नई दिल्ली की संस्थापक संपादक थीं। वर्तमान में वे स्कूल ऑ ... अधिक पढ़ें

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ISBN: 9789352806669

₹ 350.00

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