Loading...
Image
Image
View Back Cover

चिन्ता विकार

मनोविकृति की स्थिति में चिन्ता विकार, बहुधा होने वाले विकारों में से एक है। इस विस्तृत पाठ्यपुस्तक में, इस विकार के निदान की कई चिकित्सकीय पद्धतियों का वर्णन किया गया है। यह पुस्तक विभिन्न रणनीतियों के संयोजन की प्रभावशीलता को भी दर्शाती है, जो इस विकृति से जूझ रहे व्यक्तियों में इसके लक्षणों को दूर करने के साथ-साथ इसकी पुनरावृत्ति को रोकने में भी सक्षम हैं।
प्रमुख विशेषताएँ:
• यह भारतीय मामलों के अध्ययनों पर आधारित है
• इसमें मनोवैज्ञानिक परीक्षणों पर वास्तविक और व्यावहारिक जानकारी शामिल है
• यह रोग-निदान में शामिल विभिन्न संकेतों एवं कारकों का विस्तृत विवरण प्रदान करती है
• यह विभिन्न चिन्ता विकारों के उपचार में शामिल व्यवस्थित प्रक्रियाओं को प्रस्तुत करती है
• इस पुस्तक में सर्वत्र वास्तविक जीवन के मामलों के अध्ययनों की सहायता ली गई है
पूर्णतः व्यावहारिक और विशेष रूप से भारतीय छात्रों के लिए लिखी गई यह पाठ्यपुस्तक व्यावहारिक मनोविज्ञान, नैदानिक मनोविज्ञान, मनोचिकित्सा और नर्सिंग के पाठ्यक्रमों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। यह पुस्तक नैदानिक मनोवैज्ञानिक, मनोचिकित्सक, चिकित्सा पेशेवर, और परामर्शदाता जैसे पेशेवरों के लिए भी समान रूप से उपयोगी है।
 

  • प्रस्तावना
  • चिन्ता विकारों का अवलोकन
  • चिन्ता विकारों के कारण (हेतुविज्ञान)
  • परीक्षण एवं साइकोडायग्नोस्टिक्स
  • चिन्ता विकारों का उपचार
  • परीक्षण व उपचार संबंधी कुछ समस्यात्मक मुद्दे
  • परिशिष्ट
  • संदर्भ ग्रंथसूची
विमला वीरराघवन

"विमला वीरराघवन ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से एम.ए. मनोविज्ञान में गोल्ड मेडल प्राप्त किया, साथ ही इसी यूनिवर्सिटी में वे मनोविज्ञान व अनुप्रयुक्त मनोविज्ञान विभाग की प्रमुख रहीं। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने एमिटी इन्स्टीट्यूट ऑफ बिहेवियरल एण्ड एलाइड साइन्सेज, एमिटी यूनिवर्सिटी, नोएडा में प्रोफेसर व डायरेक्टर जेनेरल का कार्य किया। इसके बाद वह एमेरीटस प ... अधिक पढ़ें

शालिनी सिंह

शालिनी सिंह एजवुड कॉलेज, मैडीसन, विस्कॉन्सिन, में मनोविज्ञान विषय की असिस्टेंट प्रोफ़ेसर हैं। वे नियमित रूप से अपसामान्य मनोविज्ञान, व्यक्तित्व मनोविज्ञान और बहुसांस्कृतिक परामर्श संबंधी पाठ्यक्रमों का अध्यापन भी करती हैं। इससे पहले वे अनुप्रयुक्त मनोविज्ञान विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय (साउथ कैम्पस) में व्याख्याता रह चुकी हैं। नैदानिक मनोविज्ञान की ... अधिक पढ़ें

Also available in:

PURCHASING OPTIONS

ISBN: 9789352803880

₹ 250.00

Pre-order this book now:
For shipping anywhere outside India
write to marketing@sagepub.in