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वन लिटिल फिंगर

  • मालिनी चिब - सह-अध्यक्ष तथा संस्थापक, एडैप्ट (एबल डिसएबल ऑल पीपल टुगैदर) राईट्स ग्रुप

यह जन्म बेहद दर्दनाक था और बाल रोग विशेषज्ञ प्रभारी अपने मन में लगातार यह सोच रहे थे कि - एक गलती थी, मुझे इसके लिए एक शल्य चिकित्सक करनी चाहिए थी... देखते हैं अगर वह बच जाती है... मुझे पूरा यकीन नहीं है लेकिन अगर यह अगले 72% घंटों तक... जिंदा बच जाए तो...।

मैं बच गई।

वन लिटिल फिंगर मालिनी चिब की एक आत्मकथा है - एक ऐसी महिला, जिसने पूरी तरह से अशक्त कर देने वाली विकलांगता और समाज की बेरुख़ी के बावजूद सभी कठिनाइयों को चुनौती देते हुए अपने आपको एक विजेता की तरह इससे बाहर निकाला जिसने अपनी स्वयं की अवस्था सीमाओं से अपने आप को बाहर निकाला। यह मालिनी चिब की कहानी है, जिसने उम्र भर की विकलांगता के बावजूद आजादी और पहचान की तलाश की और एक पूर्ण और अर्थपूर्ण ज़िन्गी जीने के लिए पूरे उत्साह का परिचय दिया।

  • आभार

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मालिनी चिब

मालिनी चिब मुंबई के ऑक्सफोर्ड बुकस्टोर में वरिष्ठ कार्यक्रम प्रबंधक हैं। वह एडैप्ट (एबिल डिसेएबिल ऑल पीपल टूगैदर) राईट्स ग्रुप की सह-अध्यक्ष और संस्थापक भी हैं।

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