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अंतर्राष्ट्रीय राजनीति

अवधारणाएं, सिद्धांत तथा मुद्दे, 2e

  • रूमकी बासु - प्रोफेसर, राजनीति विज्ञान विभाग, जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली

अंतर्राष्ट्रीय राजनीति  में वर्तमान वैश्विक राजनीति की प्रमुख अवधारणाओं, सिद्धांतों और मुद्दों पर चर्चा की गई है। प्रत्येक अध्याय पुस्तक में संबोधित किये गए मुद्दों की विश्लेषणात्मक समीक्षा करता है, केंद्रीय कर्ताओं और दृष्टिकोणों की पहचान करता है और अतीत की प्रगति तथा भविष्य की संभावनाओं की रूपरेखा प्रदान करता है। पुस्तक की विशिष्टता भारत की विदेश नीति पर पर्याप्त रूप से विस्तृत अध्याय के साथ ही अंतर्राष्ट्रीय राजनीति के प्रमुख सिद्धांतों की समालोचनात्मक समीक्षा भी है। इस संशोधित संस्करण में भूमंडलीयकरण, क्षेत्रीयता तथा वैश्विक राजनीति और भूमंडलीय दक्षिण अर्थात् विकासशील देशों के दृष्टिकोणों के प्रभावों पर नए अध्याय सम्मिलित किए गए हैं। प्रस्तुत पुस्तक में आतंकवाद, मानवाधिकार, विकास, सुरक्षा और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की भूमिका और प्रासंगिकता जैसे समकालीन मुद्दों पर होने वाले विचार-विमर्श और संवादों को अद्यतन किया गया है।

  • प्राक्कथन

भाग A: अवधारणाएं

  • शीत युद्ध और इससे परे फ़राह नाज़
  • राष्ट्र-राज्य प्रणाली: राष्ट्रीय शक्ति, सत्ता एवं सामूहिक सुरक्षा के बीच संतुलन एस. आर. टी. पी. सुगुणकारा राजू
  • राष्ट्रीय हित की भूमिका फ़राह नाज़
  • कूटनीति: प्रकृति, स्वरूप एवं प्रासंगिकता मेहताब मंज़र
  • उपनिवेशवाद एवं नव-उपनिवेशवाद: वि-उपनिवेशीकरण के प्रभाव फु़रक़ान अहमद
  • निरस्त्रीकरण, शस्त्र नियंत्रण तथा परमाणु प्रसार एम. मुस्लिम ख़ान

भाग B: सिद्धांत

  • उदारवाद फ़राह नाज़
  • यथार्थवाद रूमकी बासु
  • मार्क्सवाद
  • स्त्री-अधिकारवाद कृष्णा स्वामी दारा
  • अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में उत्तर-आधुनिकतावाद और रचनावाद कृष्णा स्वामी दारा

भाग C: विचार-विषय

  • वैश्वीकरण: अर्थ एवं आयाम सुचारिता सेनगुप्ता
  • संयुक्त राष्ट्र: परिवर्तनशील भूमिका रूमकी बासु
  • मानवाधिकार और अंतर्राष्ट्रीय राजनीति मेहताब मंज़र
  • आतंकवाद अदनान फारूक़ी
  • विकास एवं सुरक्षा: बदलते प्रतिमान रूमकी बासु
  • अध्याय 18 यूरोप-केंद्रीयतावाद और IR सिद्धांत: दक्षिणी दुनिया के संदर्श सुचारिता सेनगुप्ता

भाग D: भारत की विदेश नीति एवं द्विपक्षीय संबंध

  • अध्याय 19 भारत की विदेश नीति एवं द्विपक्षीय संबंधों के मूल निर्धारक मोहम्मद बदरुलआलम
रूमकी बासु

रूमकी बासु वर्तमान में राजनीति विज्ञान विभाग, जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। सार्वजनिक नीति एवं शासन-प्रणाली, अंतर्राष्ट्रीय संगठन और भारत में विकास की राजनीतिक अर्थव्यवस्था के मुद्दों पर अब तक आपकी 12 पुस्तकों एवं 40 लेखों का प्रकाशन हो चुका है। एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय कार्यशालाओं में भाग लेने ... अधिक पढ़ें

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