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दलित सशक्तिकरण

सामाजिक और आर्थिक दृष्टिकोण

  • सुखदेव थोरात - अध्यक्ष, भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद, और पूर्व अध्यक्ष, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, नई दिल्ली
  • निधि सदाना सभरवाल - एसोसिएट प्रोफेसर, सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च इन हायर एजुकेशन, नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ एजुकेशनल प्लानिंग एंड एडमिनिस्ट्रेशन (NIEPA), नई दिल्ली

दलित सशक्तिकरण चार परस्पर संबंधित मुद्दों को संबोधित करती है। यह भारतीय समाज में बहिष्कृत और स्वदेशी समूहों के बहिष्करण संबंधी पृथक्करण की अवधारणा का निर्माण करती है। प्रस्तुत पुस्तक सामाजिक बहिष्करण की संकल्पना और अर्थ को सामान्य रूप में तथा जाति, अस्पृश्यता और नस्ल-आधारित बहिष्कार की अवधारणा और अर्थ को विशेष सन्दर्भ में विस्तारपूर्वक प्रस्तुत करती है। यह दलितों और आदिवासियों के वंचित समूहों की स्थिति के प्रस्तुतिकरण के साथ ही मानव विकास के उपार्जन के क्रम में अंतर-सामाजिक समूह की असमानताओं को भी निरूपित करती है। तत्पश्चात इस पुस्तक में संसाधनों, रोजगार, शिक्षा और सामाजिक आवश्यकताओं तक न्यून पहुंच के संदर्भ में इन वंचित समूहों की उच्च अभावग्रस्तता से संबंधित कारकों का विश्लेषण किया गया है। अंततः, यह पुस्तक आर्थिक, नागरिक और राजनीतिक क्षेत्रों में भेदभाव की भूमिका पर समूह की इन असमानताओं की जड़ता पर प्रकाश डालती है।
 
पाठकों की आसान और बेहतर समझ के लिए इन सभी मुद्दों को सरल भाषा का प्रयोग करके, प्रासंगिक और नवीन आंकड़ों, केस स्टडीज़ और नागरिक, सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक अधिकारों के उल्लंघन से संबंधित नवीन विशिष्टताओं की सहायता से समझाया गया है।
 

  • भूमिका
  • बहिष्कार, पृथक्करण और मानव विकासः बहिष्कृत समूहों के अध्ययन का वैचारिक ढांचा सुखदेव थोरात, अर्जन डे हान और निधि सदाना सभरवाल
  • भेदभाव के खिलाफ और सशक्तिकरण के लिए सरकार की नीति निधि सदाना सभरवाल
  • बहिष्कार और भेदभाव: समकालीन परिदृश्य सुखदेव थोरात और प्रशांत नेगी
  • सामाजिक समूहों द्वारा मानव विकास एवं मानव गरीबी सुखदेव थोरात और एस. वेंकटेसन
  • सामाजिक समूहों के उपभोग व्यय के स्तर और प्रतिमान अश्विनी देशपांडे
  • गरीबी में स्तर एवं असमानताएं अर्जन डे हान और अमरेश दुबे
  • साक्षरता और शैक्षिक स्तर सच्चिदानंद सिन्हा
  • घर और गृहस्थी की सुविधाएं सच्चिदानंद सिन्हा
  • स्वास्थ्य और पोषण की स्थिति विजय कुमार बारीक और पी.एम. कुलकर्णी
  • वृत्तिक प्रतिमान एम. थंगराज
  • कृषि भूमि और पूंजीगत संपत्ति तक पहुंच आर.एस. देशपांडे और मोतीलाल महामलिक
  • रोजगार और बेरोजगारी की स्थिति: ग्रामीण और शहरी सुखदेव थोरात और चित्तरंजन सेनापति
  • सार्वजनिक नियोजन में आरक्षण और हिस्सेदारी सुखदेव थोरात और चित्तरंजन सेनापति
  • भावी मार्ग: नई सहस्राब्दी में दलित सुखदेव थोरात और निधि सदाना सभरवाल
  • संदर्भग्रंथ
  • सूची
सुखदेव थोरात

सुखदेव थोरात (पीएचडी) जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी, दिल्ली में एमेरिटस प्रोफेसर; सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी, पुणे, महाराष्ट्र के प्रतिष्ठित प्रोफेसर और के. आर. नारायणन चेयर फॉर ह्यूमन राइट्स एंड सोशल जस्टिस, महात्मा गाँधी यूनिवर्सिटी, केरल (मानद); तथा इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ दलित स्टडीज, नई दिल्ली के मैनेजिंग ट्रस्टी हैं। वह इंस्टिट्यूट ऑफ़ सोशल ... अधिक पढ़ें

निधि सदाना सभरवाल

निधि सदाना सभरवाल (पीएचडी) वर्तमान में सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च इन हायर एजुकेशन, नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ एजुकेशनल प्लानिंग एंड एडमिनिस्ट्रेशन (NIEPA), नई दिल्ली में एसोसिएट प्रोफेसर हैं। डॉ. सभरवाल ने इससे पहले इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ दलित स्टडीज, नई दिल्ली में निदेशक के रूप में कार्य किया है। उन्होंने गरीबों, विशेष रूप से अनुसूचित ... अधिक पढ़ें

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