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भारत में बौद्ध धर्म

ब्राह्मणवाद और जातिवाद को चुनौती

  • गेल ओमवेट - डॉ बी आर अम्बेडकर सामाजिक परिवर्तन एवं विकास विभाग, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, नई दिल्ली

इस रोचक पुस्तक में भारत में बौद्ध धर्म, ब्राह्मणवाद, और जाति के 2500 वर्षों के विकास की अनूठी पड़ताल की गई है। बौद्ध धर्म के बारे में डॉ. अंबेडकर की व्याख्या से शुरुआत करते हुए, गेल ओमवेट ने इस धर्म के ऐतिहासिक, सामाजिक, राजनीतिक और दार्शनिक आयामों का रोचक विवरण प्रस्तुत करने के लिए प्राचीन बौद्ध ग्रंथों तथा आधुनिक साहित्य, दोनों का ही उपयोग किया है। इस प्रक्रिया में उन्होंने वर्तमान सरोकार वाले अनेक महत्त्वपूर्ण मसलों पर चर्चा की है। 
 

डॉ. ओमवेट ने इस बात का ख्याल रखा है कि बौद्ध परम्पराओं की प्रायः विरोधाभासी पुनर्व्याख्या करने के बावजूद दलित नेताओं जैसे कि डॉ. बी. आर. अंबेडकर की क्रांतिकारी साहसिकता का बौद्ध धर्म के मूल चरित्र से सामंजस्य बना रहे। अंबेडकर ने दमन के खिलाफ मार्क्सवादी विचारधारात्मक प्रतिक्रिया के अवरोध और हिन्दू धर्म के खांचों में शांत सुधारवादी प्रयासों के मध्य से अपना रास्ता निकाला। चूंकि स्पर्धी धार्मिक प्रणालियों के बीच हमेशा ही नेतृत्व के लिए संघर्ष होता रहा है, इसलिए लेखिका का तर्क है कि ईसा पूर्व चौथी शताब्दी से लेकर छठी शताब्दी तक के प्राचीन भारत को, बौद्ध धर्म के बढ़ते प्रसार को दृष्टिगत रखते हुए, वास्तव में ’हिन्दू भारत’ के बजाय ’बौद्ध भारत’ कहा जाना चाहिए। 
 

इतिहास के ’हिंदुत्व’ संस्करण को खुली चुनौती देती यह पुस्तक, जाति प्रथाओं की उत्पत्तियों तथा विकास की एकदम नई व्याख्या प्रस्तुत करते हुए उन ढेरों प्रबुद्ध पाठकों को आकर्षित करेगी जो समकालीन भारत के राजनीतिक और सामाजिक ताने-बाने की दशा से सरोकार रखते हैं।

  • भूमिका
  • परिचयः संसार का पुनर्निर्माण
  • बौद्ध धर्म की पृष्ठभूमि
  • धम्मः बौद्ध धर्म की आधारभूत शिक्षाएँ
  • नश्वरता व रूपांतरण
  • बौद्ध सभ्यता
  • भारत में बौद्ध धर्म की पराजय
  • बौद्ध धर्म के पश्चात्ः भक्ति आंदोलन
  • औपनिवेशक चुनौतियाँ, भारतीय प्रत्युत्तर व बौद्ध पुनः जागरण
  • नवयान बौद्ध धर्म व आधुनिक युग
  • निष्कर्ष
  • संदर्भग्रंथ सूची
गेल ओमवेट

गेल ओमवेट इग्नू (प्ळछव्न्) में सामाजिक परिवर्तन और विकास की डॉ. बी. आर. अंबेडकर पीठ की भूतपूर्व चेयर प्रोफेसर हैं। 
 

इनका जन्म संयुक्त राज्य अमेरिका के मिनिपोलिस शहर में हुआ और कैलिफ़ोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले से इन्होंने समाजशास्त्र में परास्नातक और पीएचडी की उपाधियाँ प्राप्त कीं। 1983 से ही आपको भारत की नागरि ... अधिक पढ़ें

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