Loading...
Image
Image
View Back Cover

भारत में दलित

एक समान नियति की तलाश

  • सुखदेव थोरात - अध्यक्ष, भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद, और पूर्व अध्यक्ष, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, नई दिल्ली

भारत में दलित: एक समान नियति की तलाश, विभिन्न मानव विकास और सम्बंधित सामाजिक एवं आर्थिक सूचकों के पूरे भारत एवं राज्य स्तरीय विश्लेषण के माध्यम से देश में दलितों की स्थिति की पड़ताल करती है। यह उन प्रक्रियाओं एवं पहलुओं की विस्तृत समझ प्रदान करती है, जो दलितों को मुख्यधारा के विकास से अलग करते हैं और उनकी हाशिए पर रहने की मौजूदा स्थिति का कारण हैं।

यह अपनी तरह का पहला ऐसा अध्ययन है, जो जनसांख्यिकी, लिंग, शहरीकरण के स्तर और स्वरूप, व्यवसायिक स्वरूप, कृषि भूमि और व्यवसाय जैसी आय देने वाली संपत्तियों का स्वामित्व, ग्रामीण श्रम की स्थिति, रोज़गार व बेरोज़गारी, सार्वजनिक क्षेत्र में आरक्षण के अंतर्गत रोज़गार, गरीबी की व्यापकता, साक्षरता एवं शिक्षा का स्तर, स्वास्थ्य की स्थिति व स्वास्थ्य सेवा संबंधी सुविधाओं तक पहुंच, जन सुविधायें जैसे घर आदि तक पहुंच और नागरिक अधिकारों की स्थिति, जैसे आयामों का परीक्षण करता है और छुआछूत, सामाजिक भेदभाव व अत्याचार जैसे व्यवहारों पर विशेष रूप से ज़ोर देता है।

यह पुस्तक भारत में दलितों की वर्तमान स्थिति प्रस्तुत करने के अलावा, उनकी स्थिति में बदलाव का भी अध्ययन करती है और उनके जीवन में सुधार लाने के लिए सुझाव देती है। यह शोधकर्ताओं, छात्रों, नीति निर्माताओं, और वे सभी जो गरीबी, सामाजिक अपवर्जन और सीमांतीकरण से जुड़े मुद्दों को लेकर चिंतित हैं, उनके लिए एक मूल्यवान संसाधन साबित होगी।

  • प्रस्तावना
  • परिचय
  • भेदभाव के खिलाफ और सशक्तिकरण के लिए सरकार की रणनीति
  • जनसांख्यिकीय रूपरेखा
  • व्यावसायिक रूपरेखा
  • कृषि भूमि तक पहुंच
  • ग्रामीण दिहाड़ी मजदूर
  • रोज़गार एवं बेरोज़गारी
  • आरक्षण के अंतर्गत रोजगार
  • ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी: परिमाण और परिवर्तन
  • साक्षरता और शैक्षिक स्तर
  • स्वास्थ्य की स्थिति और स्वास्थ्य सुविधाओं का उपयोग
  • नागरिक सुविधाओं तक पहुंच: आवास, जल और बिजली
  • अस्पृश्यता और अत्याचार की प्रथा
  • निष्कर्ष और नीति निर्देश
सुखदेव थोरात

सुखदेव थोरात (पीएचडी) जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी, दिल्ली में एमेरिटस प्रोफेसर; सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी, पुणे, महाराष्ट्र के प्रतिष्ठित प्रोफेसर और के. आर. नारायणन चेयर फॉर ह्यूमन राइट्स एंड सोशल जस्टिस, महात्मा गाँधी यूनिवर्सिटी, केरल (मानद); तथा इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ दलित स्टडीज, नई दिल्ली के मैनेजिंग ट्रस्टी हैं। वह इंस्टिट्यूट ऑफ़ सोशल ... अधिक पढ़ें

Also available in:

PURCHASING OPTIONS

For shipping anywhere outside India
write to customerservicebooks@sagepub.in